भूमि अधिग्रहण बिल लोकसभा में पेश होने पर सदन में बबाल

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नई दिल्ली: मोदी सरकार ने आज भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन करने के बाद उसे लोकसभा में पेश कर दिया है । बिल के पेश होते ही सदन में जबरदस्त बबाल मच गया और बिल पर अपना विरोध जताते हुए कांग्रेस ने सदन से वॉक आउट कर लिया । राज्यसभा में भी इसी प्रकारकी स्थिति देखी गई ।

विपक्षी कांग्रेस पार्टी का साथ देते हुए आम आदमी पार्टी, आर. जे. डी., जे. डी. यू. और तृणमूल कांग्रेस ने भी सदन छोड दिया ।  मजेदार बात यह रही कि भाजपा के सहयोगी दल शिवसेना ने भी विपक्ष का साथ देते हुए सदन से वॉक आउट कर लिया । शिवसेना के सांसद संजय ने अपने बयान में कहा कि यह विरोध न्यायसंगत है और इस पर किसी प्रकार की राजनीतिक नहीं की जानी चाहिए। उन्होने कहा कि इस मसले पर सभी पार्टियों को साथ होना चाहिए और बीजेपी को भी यह समझना होगा कि हम केवल किसानों के हित की बात कर रहे हैं । राजू शेट्टी ने भी अपने बयान में कहा कि वह भी इस बिल का विरोध करते है ।उल्लेखनीय है कि वह भी एनडीए में शामिल है ।

भूमि अधिग्रहण बिल समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने भी इसे किसान विरोधी भूमि अधिग्रहण बिल बताया है और कहा कि यदि यह बिल पास होता है तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि किसानों के पास जमीन नहीं होगी तो हम खाना किस प्रकार खाएंगे। हम सारा अन्न आयात नही करा सकते ।

मुलायम सिहं ने कहा कि बंजर भूमि का अधिग्रहण करने में किसानों को कोई आपत्ती नही है, लेकिन यह बिल उपजाऊ भूमि के भी अधिग्रहण की अनुमति देता है जिसकी वजह से इसे स्विकार नही किया जा सकता । टीएमसी सांसद सौगातो राय का कहना है कि यह भूमि अधिग्रहण बिल कारपोरेट जगत को सहायता देने की दृष्टी से बनाया गया है और किसानों के हितों की अनदेखी की गई है ।

ऐसे में विपक्षी दलों के इस रवैये को देखते हुए भाजपा सरकार के लिए बिल को पास करवाना एक बडी चुनौती होगा । उल्लेखनीय है कि यह विधेयक दिसंबर में सरकार दवारा जारी किए गए अध्यादेश का स्थान लेगा ।

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