केजरीवाल एक जानकार राजनीतिक खिलाडी ?

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नई दिल्ली: केजरीवाल के सत्ता में आने के बाद से दबों स्वरों में सुनाई देने वाला आम आदमी पार्टीकी आंतरिक कलह अब खुलकर सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी ने जब से दिल्ली में सत्ता संभाली है, पार्टी नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है। आम आदमी पार्टी में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण पीएसी में बदलाव की मांग कर रहे हैं ।  उन्होने केजरीवाल को भी एक ही पद पर बने रहने की सलाह दी है, लेकिन केजरीवाल को इस बदलाव से अपना महत्व कम होने का भय सता रहा है।

सूत्रों की मानें तो केजरीवाल अब पार्टी समिति के माध्यम से योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को राजनीतिक मामलों की समिति से हटा कर अन्य लोगों को समिति में लेना चाहते हैं। केजरीवाल इस समले में प्रत्यक्ष रुप से अपनी भूमिका दिखाने से बचना चाहते हैं । यही वजह के कि वह ईलाज के बहाने ही सही बैठक में भाग नही ले रहे । साधारण सा दिखने वाला केजरीवाल अब राजनीति का जानकार खिलाडी दिखाई दे रहा है।

ArvindKejriwalयोगेंद्र यादव का यह कहना कि पार्टी का संयोजक कौन हो यह विषय नही है,  लेकिन पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र किस प्रकार से मजबूत हो यह बडा विषय है । योगेंद्र यादव ने कहा जोर देकर कहा कि मसला बस इतना है कि पार्टी के लिए काम करने वाले लोगों और समर्थकों की भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। यादव के यह तर्क किसी भी प्रकार से गलत दिखाई नही दे रहे हैं ।

योगेंद्र यादव यह भी कहते हैं कि हमने पूरी ईमानदारी के साथ काम किया है । जीत के बाद हमें दिल्ली के लोगों की आशाओं को पूरा करना है ।

दो गुटों के बीच दिखाई देने वाली यह लडाई वास्तव में अपने-अपने अस्तित्व को बचाए रखने की लडाई है। जहां केजरीवाल पार्टी से नियंत्रण खोना नही चाहते वंही कुछ नेताओं को चुनाव जीतने के बाद अपने भविष्य की चिंता सता रही है। पार्टी के लिए काम करने वाले यह नेता चुनाव जीतने के बाद महत्वपूर्ण भूमिका नही मिलने से अब दुखी हैं।

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