जैसे-जैसे विज्ञान तेजी से तरक्की कर रहा है, हम वास्तविक जिंदगी की असलियत को भूलते जा रहे हैं | नतीजतन हम अपने परिवार, और समाज के साथ-साथ भगवान से भी दूर होते जा रहे हैं | जो कोई भगवान में थोडी बहुत आस्था रखता है, वो अपने आप को बहुत बडा विद्ववान समझने लगता है [...]
Continue reading …भगवान की लीला भी निराली और अपरमपार है| जो परिवार ठीक से बच्चों को पाल नहीं सकते उन्हें तो वो ढेरो बच्चे दे देता है और कुछ बेशुमार दौलत के मालिक माता-पिता एक मासूम बच्चे की किलकारी सुनने के लिए सारी उम्र तरसते रहते है| इनसे भी बदनसीब वो लोग होते है, जिन की केवल [...]
Continue reading …दुनिया के सबसे बडे देशों में गिनती रखने वाले भारत देश की सरकार आज आजादी के 60 साल बाद भी कितना लाचार है, यह बात किसी भी देशवासी से छिपी हुई नही है | बात चाहे खाने में मिलावट करने वालों की हो या आटों-टैक्सी वालों की | झोलाछाप डाक्टरों के विरुद्ध सरकार कई सालों [...]
Continue reading …आजकल शहर के हर चौराहे, गली कूचो की दीवारो, पर राजनीतिक पार्टीयों के संदेश तरह-तरह के रंगीन पोस्टर एवं झंडे आदि दिखाई देने लगे है | समाचार पत्रों और टी.वी. में सुबह-शाम मंत्रीयो के लच्छेदार भाषण सुनने को मिल रहे है | नेताओ ने एक दूसरे पर इल्जाम लगाने की झडी शुरु कर दी [...]
Continue reading …जूते का चल पडा देखो ये कैसा चलन, जूता मुझे ना पडा, हो गई हर नेता को जलन | जूता आज हर मंच की जान है, नेताओं पर जूता बरसाना अक्लमंदो की शान है | जूता ना हुआ सर का ताज हो गया, बुश, चितंबरम, जिंदल की पहचान हो गया | आज जूता फैशन का [...]
Continue reading …काश ये नेता ना होते, जो हमारे सपनों को कपडो की तरह न धोते, वोट मांगने के लिए ये भिखारियों की तरह ना रोते | वोट जो हमने सही डाले होते तो हम अपनी करनी पर ना रोते, हमारे सपनों को तोडने वालों को हम डुबो-डुबो कर धोते | एक सही कदम एक साथ [...]
Continue reading …शहर में एक लम्बे अरसे के बाद मह्शूर पेंन्टर बाबू की तस्वीरो की नुमाइश लगी, तो इलाके का हर शक्स उनकी चित्रकारी को देखने के लिए जरूरी काम छोड वहां आने लगा | कश्मीर घाटी की एक बहुत ही खूबसूरत तस्वीर गैलरी में लगी अनेक तस्वीरो के मुकाबले लोगो का ध्यान सबसे अधिक अपनी और [...]
Continue reading …आज कल अखबार हो या टी.वी. मीडिया वाले एक दूसरे से आगे बढने की होड में दुनिया भर की पल-पल की खबरो से हमे घर बैठे ही अवगत कराते रहते हैं | हर पत्रकार देश-विदेश की सभी गतिविधियों के साथ नेताओ की निजी जिदगी से लेकर उनके हर प्रकार के घपलो से जुडी खब्ररो को [...]
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