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बौद्ध धर्म के बारे में अनेक मिथ हैं इनमें एक मिथ है कि यह शांति का धर्म है।गरीबों का धर्म है। इसमें समानता है। सच इन बातों की पुष्टि नहीं करता। आधुनिककाल में श्रीलंका में जातीय हिसा का जिस तरह बर्बर रूप हमें तमिल और सिंहलियों के बीच में देखने को मिला है। चीन, बर्मा,कम्बोडिया [...]

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बांग्ला चैनलों के आने बाद से पश्चिम बंगाल का राजनीतिक वातावरण बुनियादी तौर पर बदला है। बांग्ला चैनलों ने नए सिरे से राजनीतिक ध्रुवीकरण किया है। नव्य उदार आर्थिक नीतियों और पूंजीवाद विरोधी वातावरण को तोड़ा है। यह प्रक्रिया 2006 में आरंभ हुई थी। इस समय तारा न्यूज,महुआ खबर,स्टार आनंद,24 घंटा,न्यूज टाइम,कोलकाता टीवी, आर न्यूज [...]

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पश्चिम बंगाल में इसबार का विधानसभा चुनाव ‘स्वशासन’ ( पार्टी शासन) बनाम ‘सुशासन’ के नारे के तहत लड़ा जा रहा है। ‘सुशासन’ की धुरी है जनता और कानून का शासन। ‘स्वशासन’ की धुरी है पार्टीतंत्र की मनमानी और सामाजिक नियंत्रण। इसके आधार पर वोट पड़ने जा रहे हैं। इसबार का चुनाव नव्य आर्थिक उदारीकरण के [...]

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जयपुर, दिल्ली और आगरा कैण्ट के खानपान विभाग से सम्बन्धित रेल कर्मचारियों का साफ शब्दों में कहना है कि रेलवे स्टेशन का मुखिया चोर होगा तो रेलवे स्टेशन पर नकली और असुरक्षित पानी तो बिकेगा ही| सूत्रों का कहना है कि इन स्टेशनों पर जब भी किसी अधिकारी को मुखिया के तौर पर नियुक्त किया [...]

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राजनीति में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है लेकिन साहित्य में यह कभी मुद्दा ही नहीं रहा। यहां तक संपूर्ण क्रांति आंदोलन के समय नागार्जुन ने भ्रष्टाचार पर नहीं संपूर्ण क्रांति पर लिखा,इन्दिरा गांधी पर लिखा। जबकि यह आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ था। क्या वजह है लेखकों को भ्रष्टाचार विषय नहीं लगता। जबकि हास्य-व्यंग्य के मंचीय [...]

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(आतंकवाद पर अमरीकी नीति और भ्रष्टाचार पर चीनी नीति पर विचार किया जाना चाहिए !) अमरीका ने आतंकवादी लादेन को, अतंकवाद के घर पाकिस्तान में घुसकर मार गिराया| यह खबर (02 मई, 2011) की सबसे बड़ी खबर है| भारत में इस खबर के बाद केन्द्र सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है और न्यूज चैनलों [...]

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बाबा रामदेव ने योग के नाम पर इस देश के लोगों के दिलों में स्थान बनाया| लोगों के स्वास्थ्य के लिये बाबा ने बहुत बड़ा काम किया| लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाया| कुछ समय बाद “राजीव दीक्षित” नाम के एक विद्वान व्यक्ति को साथ में लेकर अपने मंच से और आस्था चैनल [...]

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इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि इन दिनों भारत में हर क्षेत्र में, भ्रष्टाचार चरम पर है| भ्रष्टाचार के ये हालात एक दिन या कुछ वर्षों में पैदा नहीं हुए हैं| इन विकट हालातों के लिये हजारों वर्षों की कुसंस्कृति और सत्ताधारियों को गुरुमन्त्र देने के नाम पर सिखायी जाने वाली [...]

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टेलीविजन में बड़बोलापन महंगा पड़ता है। यहां जो ज्यादा बोलता है टीवी उसी को पीटता है। विधानसभा कवरेज पर आने वाली खबरों और टॉक शो में राज्य के ठोस राजनीतिक मसलों पर बहसें हो रही हैं। टेलीविजन कवरेज ने इसबार के चुनाव को पूरी तरह अ-राजनीतिक बना दिया है। पहलीबार ऐसा हो रहा है कि [...]

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मिश्रा जी अपने छोटे बेटे की शादी के कुछ दिन बाद सुबह पार्क में जब सैर करने निकले तो उनके कुछ पुराने साथीयों में से एक ने मजाक करते हुए कहा, कि सुना है शादी के बाद आदमी साहब बहादुर बन जाता है। साहब बहादुर से आपका क्या मतलब है, मैं आपकी बात को ठीक [...]

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