कोरोना देश में:भारत में दुनिया के कई देशों से कम मौतें, महीने भर पहले की तुलना में औसतन 300 से 400 मौतें घटीं


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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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  • मरीजों का आंकड़ा 77 लाख के पार; इनमें 68.71 लाख ठीक हुए
  • देश में अब तक 1.16 लाख मौतें, 7.15 लाख मरीजों का इलाज चल रहा

दुनिया के कई देशों में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही मौत की रफ्तार भी इन देशों में तेज हो गई है। राहत की बात है कि भारत में इसके उलट मौत की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। हर दिन अभी यहां औसतन 700-800 लोग संक्रमण के चलते जान गंवा रहे हैं। अगस्त-सितंबर में यही आंकड़ा 1 हजार से 1100 तक पहुंच गया था।

आंकड़ों पर नजर डालें तो यूएस में अगस्त-सितंबर माह में हर दिन जान गंवाने वालों की संख्या घटकर 400-600 हो गई थी। जो एक बार फिर से बढ़कर 700-800 हो गई है। इसी तरह स्पेन में 50-100 मरीज जान गंवा रहे थे जो जहां अब 150 से 290 तक मौतें होने लगी हैं। भारत में अब तक 1.16 लाख से ज्यादा मौतें हुईं हैं। बीते 24 घंटे में 703 लोगों की जान गई है।

देश में अब तक 77 लाख 5 हजार 158 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। राहत की बात है कि ठीक होने वालों का आंकड़ा 68 लाख के पार हो चुका है। 68 लाख 71 हजार 895 लोग ठीक हो चुके हैं। अभी 7 लाख 15 हजार 509 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 16 हजार 653 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते 24 घंटे में 56 हजार नए मामले सामने आए और 79 हजार 342 लोग ठीक हुए।

आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के टॉप-5 संक्रमित राज्यों में 85% से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। सबसे ज्यादा आंध्र प्रदेश में 95.09%, तमिलनाडु में 93.15% और उत्तर प्रदेश में 91.91% मरीज रिकवर हो चुके हैं। महाराष्ट्र में 86.50% और कर्नाटक में 85.25% लोग अब तक ठीक हो चुके हैं। देश का औसत रिकवरी रेट 88.82% हो गया है।

पांच राज्यों का हाल

1. मध्यप्रदेश

राज्य में पिछले 24 घंटे में 1118 नए मरीज मिले और 1222 लोग रिकवर हुए। 17 संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। अब तक 1 लाख 63 हजार 296 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। इनमें 12 हजार 386 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 48 हजार 82 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते 2828 मरीजों की मौत हो चुकी है।

2. राजस्थान

राज्य में बीते 24 घंटे में 1810 केस मिले, 2865 लोग रिकवर हुए और 14 मरीजों की मौत हो गई। राज्य में अब तक 1 लाख 78 हजार 933 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 19 हजार 185 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 57 हजार 960 लोग ठीक हो चुके हैं। 1788 संक्रमित अब तक जान गंवा चुके हैं।

3. बिहार

राज्य में बीते 24 घंटे में को 1277 नए मरीज मिले और 1319 लोग ठीक हुए। 8 संक्रमितों की मौत हो गई। मरीजों का आंकड़ा अब 2 लाख 8 हजार 238 हो गया है। इनमें 11 हजार 10 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 96 हजार 208 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 1019 संक्रमित दम तोड़ चुके हैं।

4. महाराष्ट्र

राज्य में संक्रमण के चलते जान गंवाने वालों का आंकड़ा 24 लाख 633 हो गया है। बीते 24 घंटे में 180 मरीजों की मौत हुई। 8142 नए केस मिले और 23 हजार 371 लोग रिकवर हुए। अब तक 16 लाख 17 हजार 658 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 1 लाख 58 हजार 852 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 14 लाख 15 हजार 679 लोग ठीक हो चुके हैं।

5. उत्तरप्रदेश

राज्य में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 4 लाख 61 हजार 475 लोग हो गया है। पिछले 24 घंटे के अंदर 2321 नए केस मिले और 3332 लोग रिकवर हुए। 41 मरीजों की मौत हो गई। संक्रमण से अब तक 4 लाख 25 हजार 356 लोग रिकवर हो चुके हैं। अभी 29 हजार 364 मरीजों का इलाज चल रहा है। 6755 मरीजों की मौत हो चुकी है।



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अजीब परेशानी का सामना कर रहे जज:जांच गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर की, लोग आयोग से शिकायत कर रहे- कब्जाई जमीन वापस दिलवाएं, गिरोह से जान का खतरा


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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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गैंगस्टर विकास दुबे (फाइल फोटो)

  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बने जांच आयोग को अजीब परेशानी का सामना करना पड़ रहा

(पवन कुमार) यूपी के गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर की जांच कर रहे जस्टिस बीएस चौहान आयोग को इन दिनों अजीब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके पास ऐसी शिकायतें आ रही हैं, जिनसे आयोग का कोई वास्ता ही नहीं है।

कोई विकास दुबे के गिरोह से अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहा है, तो कोई अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करने की बात कह रहा है। जवाब में आयोग ने ऐसी शिकायतों पर संबंधित लोगों को पुलिस, कोर्ट व प्रशासन के पास गुहार लगाने की बात कही है। 8 पुलिस कर्मियों की हत्या का आरोपी, गैंगस्टर विकास 10 जुलाई को कानपुर में एनकाउंटर में मारा गया था। एनकाउंटर फर्जी बताया गया तो जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आयोग गठित हुआ।

दर्जनभर से ज्यादा शिकायतें मिलीं

दरअसल, जबसे जांच आयोग बना है, तबसे उसे दर्जनभर से ज्यादा ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिनका एनकाउंटर से कोई लेना-देना नहीं है। एक शिकायत में तो एक शख्स ने पत्र लिखकर कहा कि विकास दुबे के मारे जाने के बाद उसके गैंग के सदस्य पुलिस मुखबिरी को लेकर उस पर संदेह कर रहे हैं और वे उसे मारना चाहते हैं। इसलिए, उसे पुलिस सुरक्षा दिलवाई जाए।

वहीं, कानपुर के एक व्यक्ति ने कहा कि विकास ने उसकी जमीन पर कब्जा किया हुआ था। डर के कारण वह अपनी जमीन नहीं छुड़ा सका। चूंकि उसकी मौत हो चुकी है, इसलिए उसे उसकी जमीन वापस दिलवाई जाए। वहीं, कुछ शिकायतें विकास व उसके परिवार के लोगों द्वारा पैसे हड़पने व उन्हें रकम वापस दिलाने की मांग को लेकर भी आई है।

आयोग के लिए दूसरे राज्यों के वकील भी परेशानी का सबब बने हुए हैं। मुंबई, बिहार व कई अन्य राज्यों के वकील खुद को गवाह के तौर पर जोड़ना चाहते हैं, जबकि उनका मामले से कोई संबंध नहीं है। वे न तो एनकाउंटर के समय घटनास्थल के पास थे, न ही विकास की गिरफ्तारी के समय।

आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्य बीमार पड़े, जांच का काम रुका

इधर, एनकाउंटर की जांच कर रहे रिटायर्ड जस्टिस बीएस चौहान बीमार पड़ गए हैं। उन्हें दिल की बीमारी होने से अस्पताल में दाखिल किया गया है। कुछ दिनों पहले उनका ऑपरेशन भी किया गया। जांच से जुड़े एक अन्य सदस्य इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज एसके अग्रवाल भी बीमार चल रहे हैं। इस वजह से फिलहाल जांच का काम रुक सा गया है। इसके पहले आयोग की टीम ने उस जगह का भी दौरा किया, जहां विकास का एनकाउंटर हुआ था। आयोग ने पुलिसकर्मियों से पूछा भी था कि उन्होंने हाई-वे के बजाए साइड लेन का रास्ता क्यों चुना?



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इतिहास में आज:भारत के चंद्रयान-1 का सफल लॉन्च; देश को मिला भाखड़ा नांगल बांध


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17 मिनट पहले

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आज का दिन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए बेहद खास है। आज से 12 साल पहले इसरो ने 22 अक्टूबर 2008 को चंद्रयान-1 का सफल लॉन्च किया था। ऐसा करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बना था। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किए गए चंद्रयान-1 में भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्वीडन और बुल्गारिया में बने 11 साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स लगे थे।

वैसे तो यह मिशन दो साल का था, लेकिन जब इसने अपने उद्देश्य पूरे कर लिए तो चांद के गुरुत्वाकर्षण बल से जुड़ा डेटा जुटाने के लिए सतह से इसकी ऊंचाई 100 किमी से बढ़ाकर 200 किमी की गई थी। इसी दौरान 29 अगस्त 2009 को इससे रेडियो संपर्क टूट गया। तब तक इसने चांद की रासायनिक, मिनरलॉजिक और फोटो-जियोलॉजिकल मैपिंग कर ली थी।

चंद्रयान-1 ने आठ महीने में चांद के 3,000 चक्कर लगाए और 70 हजार से ज्यादा तस्वीरें भेजीं। इनमें चांद पर बने पहाड़ों और क्रेटर को भी दिखाया गया था। चांद के ध्रुवीय क्षेत्रों में अंधेरे इलाके के फोटो भी इसने भेजे। इस मिशन की सबसे बड़ी उपलब्धि थी चांद पर पानी के होने की पुष्टि। इसरो ने अपने डेटा को एनालाइज कर इसकी घोषणा की और दो दिन बाद नासा ने भी इसकी पुष्टि की।

चंद्रयान-1 की सफलता के बाद ही भारत ने चंद्रयान-2 और मंगलयान जैसे मिशन का सपना देखा और सफलता हासिल की। इस तरह अंतरिक्ष में भारत के सुपरपॉवर बनने की दिशा में चंद्रयान-1 ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1963 में भाखड़ा नांगल बांध का उद्घाटन

भाखड़ा नांगल बांध न केवल भारत का, बल्कि एशिया का भी दूसरा सबसे बड़ा बांध है।

भाखड़ा नांगल बांध न केवल भारत का, बल्कि एशिया का भी दूसरा सबसे बड़ा बांध है।

टिहरी बांध के बाद भारत के दूसरा सबसे बड़े बांध यानी भाखड़ा नांगल बांध का उद्घाटन उस समय के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 22 अक्टूबर 1963 को किया था। यह भारत के सबसे बड़े मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसका मकसद सिंचाई और बिजली का उत्पादन करना है। इस बांध का निर्माण 1948 में अमेरिकी बांध निर्माता हार्वे स्लोकेम के निर्देशन में हुआ था। 1970 से इसका पूरी तरह इस्तेमाल शुरू हो सका। वैसे, भाखड़ा और नांगल दोनों अलग-अलग बांध हैं, लेकिन एक ही प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। ये दोनों पंजाब और हिमाचल के बॉर्डर पर बने हैं। भाखड़ा बांध हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलज नदी पर, जबकि नांगल बांध इससे 10 किलोमीटर दूर पंजाब के नांगल में बना है।

आज की तारीख को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता हैः

  • 1796ः पेशवा माधव राव द्वितीय ने आत्महत्या की।
  • 1867ः नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबिया की आधारशिला रखी गई।
  • 1875ः अर्जेंटीना में पहले टेलीग्राफिक कनेक्शन की शुरुआत।
  • 1879ः ब्रिटिश शासन में पहला राजद्रोह का मुकदमा बसुदेव बलवानी फड़के के खिलाफ शुरू हुआ।
  • 1883ः न्यूयाॅर्क में ओपेरा हाउस का उद्घाटन।
  • 1975ः तुर्की के राजनयिक की वियना में गोली मारकर हत्या।
  • 2011: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में लकड़ी के पुल के टूटने से 31 लोगों की मौत हुई थी। बिजानबारी में अधिकारियों के भाषण सुनने के लिए 150 गांवों से लोग आए थे।
  • 2014ः माइकल जेहाफ बिडायु ने ओटावा में कनाडा की संसद पर हमला किया, जिसमें एक सैनिक की मौत हुई।



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मॉर्निंग ब्रीफ:केंद्रीय कर्मचारियों को बोनस; कमलनाथ-तोमर पर FIR के आदेश और प्याज हुआ महंगा


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5 घंटे पहले

नमस्कार!

चुनावी मौसम में प्याज की कीमत बढ़ रही है। मुंबई में रिटेल में प्याज 100 रुपए किलो बिक रहा है। इस बीच, अच्छी खबर यह है कि केंद्र सरकार ने बोनस का ऐलान कर दिया है। फायदा 30 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। चलिए, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ…

सबसे पहले देखते हैं, बाजार क्या कह रहा है…

बदलाव
सेंसेक्स 40,707.31 +162.94
डॉलर 73.58 +0.9

सोना (मुंबई)

प्रति 10 ग्राम (वायदा बाजार में)

51,108 +198

मार्केट हाइलाइट्स

  • BSE का मार्केट कैप 159 लाख करोड़ रुपए रहा। करीब 48% कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही।
  • BSE में 2,835 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इसमें 1,367 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,293 कंपनियों के शेयर गिरे।

आज इन 4 इवेंट्स पर रहेगी नजर

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे बंगाल के लोगों को दुर्गा पूजा की शुरुआत पर संबोधित करेंगे। बंगाल में षष्ठी से दुर्गा पूजा की शुरुआत होती है।
  • IPL में शाम साढ़े सात बजे राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मैच होगा।
  • एमजे अकबर बनाम प्रिया रमानी मानहानि केस में दिल्ली की अदालत फैसला सुना सकती है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेटिक प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट जो बाइडेन के बीच दूसरी डिबेट होगी।

देश-विदेश

  • मध्य प्रदेश में चुनावी भीड़ पर कोर्ट नाराज

चुनावी रैलियों में मास्क-सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों की अनदेखी पर अदालत और चुनाव आयोग, दोनों ने सख्ती दिखाई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता कमलनाथ और भाजपा नेता नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ FIR के आदेश दिए हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि रैलियों में कोरोना गाइडलाइन नहीं मानी गई तो कार्रवाई होगी।

कोर्ट को ऐसा क्यों कहना पड़ा: चुनावी रैलियां बेलगाम हैं। भीड़ बेरोकटोक बढ़ रही है। बुधवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पोहरी विधानसभा इलाके में सभा हुई। ज्यादातर लोगों के चेहरे पर मास्क और मैदान पर सोशल डिस्टेंसिंग नदारद थी।

  • केंद्रीय कर्मचारियों को बोनस

कैबिनेट ने 30.67 लाख नॉन-गजेटेड कर्मचारियों के लिए बुधवार को बोनस का ऐलान कर दिया। इस पर खर्च होंगे 3,737 करोड़ रुपए। दशहरे से पहले सभी के खाते में बोनस ट्रांसफर होगा। रेलवे, पोस्ट ऑफिस, डिफेंस, EPFO और ESIC जैसे विभागों के लोगों को फायदा मिलेगा। इस बार कोरोना से उपजे आर्थिक हालात के बावजूद बोनस नहीं रोका गया है।

  • पाकिस्तान में पुलिस और फौज में ठनी

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद कैप्टन सफदर की दो दिन पहले होटल का दरवाजा तोड़कर हुई गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ रहा है। नवाज की पार्टी PML-N का आरोप है कि फौज ने कराची के आईजी को किडनैप कर सफदर के खिलाफ FIR करवाई थी। इससे सिंध प्रांत की पुलिस नाराज है। आईजी समेत आला अधिकारियों ने छुट्टी पर जाने का ऐलान कर दिया था। आर्मी चीफ जनरल बाजवा ने दखल दिया, तब वे माने।

परदे के पीछे: पाकिस्तान में फौज की तानाशाही नई बात नहीं है। यहां चार बार सैन्य तख्तापलट हो चुका है। इमरान दो साल पहले प्रधानमंत्री बने थे और वे अभी सबसे बुरे राजनीतिक संकट से जूझ रहे हैं। 11 विपक्षी दल उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इमरान सरकार पाकिस्तान की सेना के रहमो-करम पर ही चल रही है।

  • देश में कोरोना के एक्टिव मामले घट रहे

देश में कोरोना का आंकड़ा 76 लाख के पार है। कोरोना के 64% एक्टिव केस सिर्फ 6 राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और बंगाल में हैं। इनमें 50% महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में हैं। उधर, लगातार तीसरे दिन एक्टिव मामलों की संख्या साढ़े सात लाख से कम रही। डेढ़ महीने में एक्टिव मरीजों की संख्या में करीब 2 लाख से ज्यादा की कमी हो गई है।

इनोवेशन जारी है: ICMR ने IIT खड़गपुर में तैयार हुई कोविडरैप टेस्ट किट को हरी झंडी दे दी है। एक टेस्ट पर 500 रुपए खर्च आएगा और नतीजे एक घंटे में मिल जाएंगे। खास बात यह है कि यह किट बनाने वाली मशीन की कीमत भी 10 हजार रुपए से कम है।

ओरिजिनल

  • वैष्णोदेवी से रिपोर्ट

नवरात्र में वैष्णोदेवी में रोज 7000 लोगों को दर्शन की इजाजत मिली थी, लेकिन वहां इसके आधे ही पहुंच रहे हैं। बड़ी वजह है पंजाब में चल रहा किसान आंदोलन। भास्कर रिपोर्टर ने जब इसकी पड़ताल की तो पाया कि इस बार नवरात्र के पहले दिन सिर्फ 4400 लोगों ने ही दर्शन किए। इनमें से 705 लोग फ्लाइट से पहुंचे।

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  • चाय उगा रहा बिहार

ठाकुरगंज उत्तर बिहार का आखिरी ब्लॉक है। इसके एक तरफ नेपाल है और दूसरी तरफ सिलीगुड़ी कॉरिडोर। यहां जाने वाले हाईवे के दोनों तरफ दूर-दूर तक धान के खेत फैले नजर आते हैं, लेकिन उनमें लगी ज्यादातर फसल बर्बाद हो चुकी है। यहां किसानों ने बीते कुछ सालों में अब चाय की खेती शुरू कर दी है।

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  • पॉजिटिव स्टोरी

47 साल के बलवीर सिंह गुड़गांव के एक होटल में नौकरी करते थे। लॉकडाउन के पहले ही उनकी नौकरी चली गई। कुछ महीनों बाद बलवीर ने स्कूटी पर लोहे का ऐसा स्ट्रक्चर तैयार करवाया, जिसमें काफी सामान आ सके। दो महीने से इसी स्कूटी पर वे 20 रुपए, 40 रुपए और 50 रुपए प्लेट के हिसाब से राजमा-चावल, छोला-चावल बेच रहे हैं। कमाई इतनी कि अब कहते हैं कि कभी नौकरी नहीं करूंगा।

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एक्सप्लेनर

  • मोदी को हाथ क्यों जोड़ने पड़े?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सात महीने में सातवीं बार देश के नाम संदेश दिया। 12 मिनट सिर्फ कोरोना की बातें की। हाथ जोड़कर लोगों से अपील की कि जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। आखिर ऐसा क्या हुआ है, जो उन्हें यह करना पड़ा। सर्दियों में मामले बढ़ने के खतरे से लेकर वैक्सीन में देरी तक इसकी 5 वजहें हैं।

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  • कमजोर हो रही है भारतीयों की नजर

दो इंटरनेशनल एजेंसियों की रिपोर्ट कह रही हैं कि भारतीयों की नजर कमजोर हो रही है और ब्लाइंडनेस की परेशानी बढ़ रही है। 1990 में 5.77 करोड़ लोगों को पास का नहीं दिखता था, जबकि 2020 में ऐसे लोगों की संख्या बढ़कर दोगुनी यानी 13.76 करोड़ हो चुकी है।

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सुर्खियों में और क्या है…

1. भारतीय सेना ने दो दिन पहले लद्दाख में जिस चीनी सैनिक को पकड़ा था, उसे मंगलवार रात लौटा दिया। यह सैनिक सोमवार को भटककर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पार कर लद्दाख के चुमार-डेमचोक इलाके में आ गया था।

2. महाराष्ट्र में भाजपा के बड़े नेता एकनाथ खडसे ने बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। खडसे शुक्रवार को NCP ज्वाइन करेंगे। चर्चा ये भी है कि भाजपा में रहते हुए कभी सीएम कैंडिडेट रहे खडसे को अब उद्धव सरकार में कृषि मंत्री बनाया जा सकता है।

3. चीन में घर में बना नूडल सूप पीने से एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई। परिवार के लोगों ने जो नूडल सूप पीया था, वह एक साल से फ्रीजर में रखा था।

4. आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स को एक और झटका लगा है। टीम के ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो भी ग्रोइन इंजरी होने की वजह से लीग से बाहर हो गए हैं। 17 अक्टूबर को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हुए मुकाबले के बीच में ही ब्रावो मैदान से बाहर चले गए थे।

5. अफगानिस्तान के जलालाबाद में पाकिस्तानी दूतावास के पास वीजा के लिए हजारों की भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। इस हादसे में 12 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गईं।



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राहुल का वायनाड दौरे पर कॉन्ट्रोवर्सी:हाथरस केस में गिरफ्तार पत्रकार के परिवार से मिले राहुल, भाजपा बोली- देशविरोधी वायरस को बढ़ा रहे


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एक घंटा पहले

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यह फोटो जून 2019 की है। तब राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में जनसभा को संबोधित किया था। -फाइल फोटो

केरल दौरे पर गए राहुल गांधी ने बुधवार को हाथरस केस में गिरफ्तार किए गए पत्रकार सिद्दीक कप्पन के परिवार से वायनाड में मुलाकात की। फैमिली ने राहुल से कहा कि वो कप्पन की जल्द रिहाई के लिए इस मामले में दखल दें। कप्पन की पत्नी रेहानथ ने बताया कि राहुल ने हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है।

हाथरस में दलित लड़की के गैंगरेप और उसकी मौत के बाद पत्रकार सिद्दीक समेत 4 लोगों को हाथरस जाते वक्त गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने इन लोगों पर राजद्रोह और आतंकवाद रोधी कानून के तहत गिरफ्तार किया था। भाजपा ने राहुल की इस मुलाकात पर तंज कसा है। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा- राहुल गांधी देश विरोधी वायरस को बढ़ावा देने गए हैं।

कप्पन की पत्नी बोली- वकीलों को भी मिलने नहीं दिया जा रहा

कप्पन की पत्नी रेहानथ ने कहा- राहुल गांधी मेरे पति की रिहाई के लिए हर तरह की मदद करने को राजी हैं। मेरे पति राहुल की हाथरस यात्रा के दौरान वहां जा रहे थे। हम लोग बहुत परेशान हैं, क्योंकि उनसे वकील को भी मिलने नहीं दिया जा रहा है।

हमें प्रशासन की तरफ से भी बहुत कम जानकारी मिली है

केरल की पत्रकार यूनियन ने सुप्रीम कोर्ट में कप्पन की रिहाई के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। पर, सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को 4 हफ्ते के लिए इस पर सुनवाई टाल दी थी। पुलिस ने मलप्पुरम के कप्पन, मुजफ्फरनगर के अतीक-उर रहमान, बहराइच के मसूद अहमद और रामपुर के आलम को गिरफ्तार किया था।

इसके बाद यूपी पुलिस ने कहा था कि हमने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उससे जुड़े संगठनों के लोगों को अरेस्ट किया है। इनसे जो मटेरियल मिला है, वो कानून-व्यवस्था पर असर डाल सकता है।



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जो आपका जानना जरूरी है:पंजाब विधानसभा ने केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ 4 विधेयक पारित किए, दोनों स्थितियों में है बड़ा अंतर


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पंजाब10 मिनट पहले

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चंडीगढ़ स्थित पंजाब विधानसभा भवन, जहां विशेष सत्र के तीसरे दिन केंंद्रीय कृषि सुधार कानूनों को निरस्त करने के लिए 4 नए विधेयक पारित किए गए हैं।

  • विशेष सत्र के तीसरे दिन बुधवार को साढ़े 5 घंटे की बहस के बाद विधानसभा में 4 विधेयक पारित किए गए
  • सेंट्रल एडिश्नल सालिसिटर जनरल चेतन मित्तल ने पंजाब विधानसभा में पारित विधेयकों को गैर संवैधानिक बताया
  • विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा बोले-बहलाने की कोशिश

पंजाब विधानसभा में केंद्र सरकार के तीन नए कृषि सुधार कानूनों को प्रभावहीन करने को करीब साढ़े पांच घंटे की बहस के बाद सर्वसम्मति से चार विधेयक पारित किए गए ह‍ैं। इन विधेयकों के माध्यम से केंद्र सरकार के कानूनों के प्रावधानों को बेअसर करने के कई प्रावधान किया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों की मानें तो पंजाब सरकार के लिए केंद्रीय कृषि कानूनों को बेअसर कर पाना इतना आसान भी नहीं है, जितना समझा जा रहा है। ऐसा क्यों है, यह जानने के लिए दोनों स्थितियों के बीच के अंतर को समझना होगा।

केंद्र सरकार के कानूनों और पंजाब सरकार के विधेयकों में अंतर

क्रम संख्या केंद्रीय कृषि सुधार कानून पंजाब सरकार की तरफ से लाए गए विधेयक
किसानों का उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (प्रोमोशन एंड फैसिलिटेशन) संशोधन बिल, 2020 किसानों का उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (प्रोमोशन एंड फैसिलिटेशन) एक्ट, 2020 के तहत कृषि उपज विपणन समितियों के तहत बनी मंडियों के बाहर अगर कोई कंपनी, व्यापारी फसल की खरीदते हैं तो उन्हें टैक्स नहीं देने होंगे। वह किसी भी कीमत पर खरीद कर सकते हैं। किसानों का उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (प्रोमोशन एंड फैसिलिटेशन) विशेष प्रावधान और पंजाब संशोधन बिल, 2020 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे (धान और गेहूं) बेचने या खरीदने पर तीन साल की सजा और जुर्माने का उपबंध किया गया है।
किसानों के (सशक्तीकरण और सुरक्षा) कीमत के भरोसे संबंधी करार और कृषि सेवाएं (विशेष प्रस्तावों और पंजाब संशोधन) बिल, 2020 अनुबंध आधारित कृषि को वैधानिकता प्रदान की गई है। इससे बड़े व्यवसायी और कंपनियां अनुबंध के जरिये कृषि के विशाल भू-भाग पर ठेका आधारित कृषि कर सकें। पंजाब सरकार ने धारा 1(2), 19 और 20 में संशोधन करते हुए नई धाराओं 4, 6 से 11 को शामिल करने का प्रस्ताव किया है। इसके लिए दो बिल पास किए हैं। पहला, इसके तहत किसान और कंपनी में आपसी विवाद होने पर 2.5 एकड़ जमीन वाले किसानों की जमीन की कुर्की नहीं होगी। पशु, यंत्र, पशुओं के बाड़े आदि जायदाद भी कुर्की से मुक्त होंगी। दूसरा, विवाद के निपटारे के लिए सिविल कोर्ट में भी जाया जा सकेगा।
अनिवार्य वस्तुएं (विशेष प्रावधान और पंजाब संशोधन) बिल, 2020 निजी कंपनियां जितना मर्जी अनाज खरीद सकती हैं और उसका भंडारण कहा किया है, यह बताने की जरूरत नहीं है। पंजाब में खरीदी जाने वाली फसल के बारे में निजी कंपनियों को सरकार को बताना होगा। सरकार को खास परिस्थितियों जैसे बाढ़, महंगाई और प्राकृतिक आपदा में स्टॉक लिमिट तय करने का अधिकार होगा।

विधानसभा में पारित बिलों पर राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी
विधानसभा में पारित कृषि बिलों को कानून बनने के लिए अब राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत होगी। इस बारे में प्रसिद्ध कानूनविद जेएस तूर का कहना है कि क्योंकि यह समवर्ती सूची का मामला है और इस विषय पर केंद्र सरकार ने पहले ही कानून बना दिए हैं, ऐसे में पंजाब विधानसभा में पारित विधेयकों को लागू करने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी होगी। राज्यपाल के माध्यम से ही ये विधेयक राष्ट्रपति को भेजे जाएंगे। राज्यपाल केवल इस पर कानूनी राय लेकर कृषि मंत्रालय को भेजेंगे। उसके बाद मंत्रालय ने यह राष्ट्रपति को भेजना है। इस विषय पर अब केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने ही कानून बना दिए हैं, अब फैसला राष्ट्रपति को करना है। राष्ट्रपति के लिए समय की कोई पाबंदी नहीं है।

संवैधानिक संकट की आशंका, राष्ट्रपति भेज सकते हैं सुप्रीम कोर्ट को

पंजाब विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह का भी कहना है कि इससे संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है। राज्यपाल इसे राष्ट्रपति को भेजेंगे और राष्ट्रपति इस पर सालिसिटर जनरल से सलाह लेंगे या फिर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ को भी रेफर कर सकते हैं। वहां से सलाह आने के बाद ही कोई फैसला लिया जा सकता है। इसकी कोई समय सीमा नहीं है।

सेंट्रल एडिश्नल सालिसिटर जनरल चेतन मित्तल बोले-पंजाब विधानसभा में पारित विधेयक गैर संवैधानिक

सेंट्रल एडिश्नल सालिसिटर जनरल चेतन मित्तल ने पंजाब विधानसभा में पारित विधेयकों को गैर संवैधानिक बताया है। उन्होंने कहा कि इन बिलों में ही केंद्रीय कानूनों का जिक्र किया गया है इसलिए इसे केंद्रीय एक्ट के संशोधन के रूप में ही माना जा सकता है। केंद्रीय कानूनों में संशोधन का अधिकार सिर्फ केंद्र के पास ही है। इसमें सिर्फ आर्टिकल 254 की क्लाज दो में गया है यदि केंद्र किसी भी कानून में कोई राज्य संशोधन लाना चाहता है तो उसे विधानसभा में पेश करने के बाद उसे राष्ट्रपति से पास करवाना जरूरी है। चेतन मित्तल ने कहा कि जब तक इसे राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिल जाती ये गैर संवैधानिक हैं।

नेता विपक्ष हरपाल चीमा ने कहा-बेवकूफ बना रहे हैं कैप्टन

कैप्टन के साथ संयुक्त तौर पर राज्यपाल से मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता और नेता विपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के बनाए गए कानूनों को रद्द कर सकती है?

भाजपा पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा का मानना-केंद्र के पास ही आएगा प्रस्ताव

भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि कैप्टन अमरिेंदर सिंह की सरकार ने जो विधेयक विधानसभा में पारित कराया है उन्हें लागू करना या न करना फिर केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। कैप्टन विशेष सत्र में कृषि कानूनों के खिलाफ विधेयक लाकर लोगों को बहला रहे हैं।



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केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट:30.67 लाख कर्मचारियों के लिए 3737 करोड़ का बोनस मंजूर, दशहरे से पहले खाते में पैसे आ जाएंगे


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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को अहम फैसला लिया गया। कैबिनेट ने 2019-20 के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड और नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस की मंजूरी दे दी। इससे केंद्र के 30.67 लाख नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को फायदा होगा। दशहरे से पहले बोनस की पूरी रकम एक किश्त में दे दी जाएगी।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बोनस पर 3,737 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। बोनस का भुगतान कर्मचारियों के बैंक खातों में किया जाएगा।

बोनस किन-किन कर्मचारियों को मिलेगा?
जिन्हें बोनस का फायदा मिलेगा उनमें रेलवे, पोस्ट ऑफिस, डिफेंस, EPFO और ESIC जैसे संस्थानों के 16.97 लाख कर्मचारी शामिल हैं। इन्हें प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जाएगा। बाकी 13.70 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस मिलेगा।

सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है, ताकि त्योहारी सीजन में लोग ज्यादा खर्च कर सकें। सरकार का कहना है कि मिडिल क्लास के हाथ में पैसा आने से बाजार में मांग बढ़ेगी और इकोनॉमी को फायदा होगा।





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बंगाल में पूजा पंडालों को राहत:हाईकोर्ट ने बड़े पंडालों में 60 लोगों की एंट्री की छूट दी, 2 दिन पहले 25 की लिमिट तय की थी


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कोलकाता16 मिनट पहले

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कोरोना के बीच पश्चिम बंगाल में गुरुवार से दुर्गा पूजा शुरू हो रही है। कोलकाता में ही 3000 से ज्यादा पंडाल सजे हैं।

पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े फेस्टिवल दुर्गा पूजा के शुरू होने से 24 घंटे पहले हाईकोर्ट ने पूजा पंडालों को राहत दी है। कोलकाता हाईकोर्ट ने अब बड़े पंडालों में 60 लोगों की एंट्री की इजाजत दे दी है।

इससे पहले सोमवार को कोर्ट ने कहा था कि पूजा पंडालों में विजिटर्स को एंट्री नहीं दी जाएगी। सिर्फ आयोजक ही अंदर जा सकेंगे, उनकी भी संख्या तय रहेगी। छोटे पंडालों में 15 और बड़े पंडालों में 25 लोग ही जा सकेंगे। कोर्ट ने कोरोना की स्थिति को देखते हुए यह फैसला दिया था। इस पर कोलकाता के दुर्गोत्सव फोरम के 400 पंडाल आयोजकों ने रिव्यू की अपील की थी।

ढोल बजाने वालों को भी परमिशन
कोर्ट के बुधवार के आदेश के मुताबिक पंडाल के अंदर जाने वाले लोगों की लिस्ट हर दिन सुबह 8 बजे पंडाल के बाहर लगानी होगी। ढाकी यानी ढोल बजाने वाले नो-एंट्री जोन में पंडालों के बाहर ही ढोल बजा सकेंगे, लेकिन उनकी संख्या भी तय होगी।

कोलकाता में ही 3000 से ज्यादा पंडाल
लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने सोमवार के आदेश में कहा कि सभी पंडालों के बाहर एंट्री पॉइंट पर बैरिकेडिंग की जाए। बैरिकेड्स की दूरी छोटे पंडाल से 5 मीटर और बड़े पंडालों से 10 मीटर रखी जाए। अदालत ने कहा कि कोलकाता में 3000 से ज्यादा पंडाल हैं और यहां पर भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी नहीं हैं।

दुनियाभर में मशहूर है बंगाल की दुर्गा पूजा
कोरोना के बीच पश्चिम बंगाल में गुरुवार से दुर्गा पूजा शुरू होगी। यहां की दुर्गा पूजा की भव्यता पूरी दुनिया में मशहूर है। राज्य में हर साल 37 हजार से ज्यादा पंडाल सजाए जाते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान कारोबार भी काफी बढ़ जाता है।



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पुलिस स्मृति दिवस:मोदी बोले – हमें पुलिस की लगन और तैयारी पर गर्व, शाह ने कहा- अब तक 35 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी शहीद हुए


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नई दिल्ली6 घंटे पहले

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर बुधवार को फूलों का चक्र रखकर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा-हम ड्यूटी करते हुए शहीद हुए सभी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हैं, उनकी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएगी।
  • 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीन से लड़ते हुए शहीद हुए 10 जवानों की याद में हर साल पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस पर दिल्ली स्थित पुलिस स्मारक पहुंचे। फूलों से बना चक्र रखकर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘‘पुलिसकर्मी बिना हिचक के बेहतर काम करते हैं। चाहे कानून व्यवस्था बनाए रखना हो, अपराधों को सुलझाना हो या फिर महामारी से लड़ने के लिए आपदा प्रबंधन हो, वे हमेशा तैयार रहते हैं। हमें लोगों को मदद करने की उनकी लगन और तैयारी पर गर्व है।

उन्होंने आगे कहा-पुलिस स्मृति दिवस पूरे देश के पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के प्रति आभार प्रकट करने के लिए है। हम ड्यूटी करते हुए शहीद हुए सभी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हैं। उनकी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएगी।

बुधवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

बुधवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद पुलिसकर्मियों को याद किया

गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिल्ली पुलिस स्मारक पहुंचकर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परेड को संबोधित करते हुए कहा- अब तक देश में ड्यूटी करते हुए 35 हजार 398 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं। कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई में कोरोना वॉरियर के तौर पर काम करते हुए 343 पुलिसकर्मियों की जान गई है। उन सभी के नाम इस स्मारक की दीवार पर लिखे हैं। यह सिर्फ ईंट और सीमेंट से बना स्मारक नहीं है। यह हमें हमारे शहीद पुलिसकर्मियों की याद दिलाता है। इन बहादुर जवानों ने आजादी के बाद अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपनी जान दी है।

नई दिल्ली में बुधवार को पुलिस परेड को संबोधित करते गृह मंत्री अमित शाह।

नई दिल्ली में बुधवार को पुलिस परेड को संबोधित करते गृह मंत्री अमित शाह।

21 अक्टूबर को मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीन से लड़ते हुए सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हुए थे। उनकी याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। बुधवार को सभी राज्यों में इसे मनाया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुई पुलिस परेड में हिस्सा लिया। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी अपने-अपने राज्यों में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।



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आखिरकार चुनाव आयोग ने तोड़ा मौन:’आइटम’ वाले बयान पर दो दिन बाद जागा चुनाव आयोग, कमलनाथ को नोटिस जारी कर 48 घंटे में जवाब देने को कहा


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  • Kamal Nath Controversy, Madhya Pradesh By Election 2020 Update; Dainik Bhaskar Speaks To Bhopal Election Commission Office

भोपाल9 घंटे पहले

  • मतदान की तारीख नजदीक आते ही कांग्रेस-भाजपा के नेता एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमले करने लगे हैं
  • 18 अक्टूबर को कमलनाथ ने डबरा में इमरती देवी को आइटम कहा था, इसके बाद से ही मध्यप्रदेश राजनीति गर्मा गई थी

मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में प्रचार जैसे-जैसे जोर पकड़ रहा है, वैसे-वैसे नेताओं की भाषा भी गिर रही है। महिलाओं के लिए आइटम, रखैल जैसे शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है। आखिरकार लंबे समय बाद चुनाव आयोग ने अपनी चुप्पी तोड़ी।

केंद्रीय चुनाव आयोग ने शिवराज सरकार में मंत्री इमरती देवी को आइटम कहने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। कमलनाथ से 48 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा गया है।

कमलनाथ ने मंत्री इमरती देवी को आइटम कहा
18 अक्टूबर को एक चुनावी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि हमारे राजे (कांग्रेस प्रत्याशी) तो सीधे-सादे और सरल हैं। ये उसके जैसे नहीं हैं। मैं क्यों उसका नाम लूं। इतने में लोग बोले- इमरती देवी। इस पर हंसते हुए कमलनाथ बोले- आप लोग मेरे से ज्यादा उसको पहचानते हैं। आप लोगों को तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था कि वह क्या आइटम है। इसके अगले ही दिन भाजपा सरकार में मंत्री बिसाहूलाल ने अनूपपुर से कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह कुंजाम की दूसरी पत्नी को रखैल बता दिया था।

रावण और चुन्नू-मुन्नू भी कहा जा रहा
हाल ही में हुई चुनाव सभाओं में भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कमलनाथ और दिग्विजय को एक सभा में चुन्नू-मुन्नू कहा तो कांग्रेस नेता सज्जन वर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय की तुलना रावण से कर दी।

संस्कृति मंत्री ने एक धर्म पर निशाना साधा
प्रदेश की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा- सारा कट्टरवाद और सारे आतंकवादी मदरसों में पले-बढ़े हैं। जम्मू कश्मीर को आतंकवाद की फैक्ट्री बनाकर रख दिया था। ऐसे मदरसे जो हमें राष्ट्रवाद और समाज की मुख्यधारा से नहीं जोड़ सकते, हमें उन्हें ही सही शिक्षा से जोड़ना चाहिए और समाज को सबकी प्रगति के लिए आगे लेकर जाना चाहिए।

भोपाल चुनाव कार्यालय ने दिल्ली भेजी थी रिपोर्ट
मध्य प्रदेश में चुनावी माहौल में बेलगाम नेताओं पर कार्रवाई को लेकर भास्कर ने निर्वाचन आयोग के भोपाल स्थित सीईओ (मुख्य चुनाव अधिकारी) ऑफिस में बात की तो उन्होंने साफ कर दिया कि सभी मामलों को दिल्ली में निर्वाचन आयोग के पास भेजा गया है, फैसला वहीं से होगा। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी मोहित बुंदस ने भास्कर को बताया- कमलनाथ, बिसाहूलाल समेत तमाम नेताओं के संबंध में जो शिकायतें मिली हैं, उन्हें हेड ऑफिस भेजा गया है। कुछ शिकायतें सही मिलीं, कुछ गलत भी पाई गईं। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। यहां से कुछ नहीं हो सकता।



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